भोपाल! नरसिंहपुर! 12 फरवरी 2026
बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों गंभीर कानूनी संकट का सामना कर रहे हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। 12 फरवरी को उनके मामले में अगली सुनवाई प्रस्तावित है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
यह पूरा मामला वर्ष 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म “अता पता लापता” के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद कर्ज नहीं चुकाया जा सका। ब्याज और जुर्माने के साथ यह रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई। लोन चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस होने पर कंपनी ने 7 अलग-अलग केस दायर किए।
2018 में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई, जिसे 2019 में सत्र न्यायालय ने भी बरकरार रखा। हाई कोर्ट से जून 2024 में सजा पर स्टे मिला था, लेकिन शर्त के तौर पर समझौता राशि जमा करना अनिवार्य था। कई अवसर दिए जाने के बावजूद पूरी रकम जमा न होने पर फरवरी 2026 में कोर्ट ने सरेंडर का अंतिम आदेश दिया।
राजपाल यादव की इस मुश्किल घड़ी में बॉलीवुड के कई सितारे उनके समर्थन में सामने आए हैं। सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, गुरमीत चौधरी, तेज प्रताप यादव सहित कई लोगों ने आर्थिक सहायता या काम देने की पेशकश की है। सिंगर मीका सिंह ने 11 लाख रुपये की मदद करते हुए इंडस्ट्री की एकजुटता की सराहना भी की।
इसी बीच नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा निवासी दिग्गज अभिनेता आशुतोष राणा का नाम भी चर्चा में है। आशुतोष राणा को राजपाल यादव का करीबी माना जाता है और पूर्व में उनके आग्रह पर राजपाल यादव जिले में आ चुके हैं। हालांकि अब तक इस मामले में आशुतोष राणा की ओर से कोई आधिकारिक बयान या आर्थिक सहायता को लेकर सार्वजनिक घोषणा सामने नहीं आई है।
जिले में चर्चा का विषय यह है कि जब बॉलीवुड के कई बड़े सितारे खुलकर मदद के लिए आगे आ रहे हैं, तो क्या ‘दद्दा’ कहे जाने वाले आशुतोष राणा भी कोई कदम उठाएंगे? फिलहाल उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की निगाहें 12 फरवरी की सुनवाई पर हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले में अगला कानूनी अध्याय तय होगा।








