नरसिंहपुर। 30 दिसंबर 2025
जिले के बरमान स्थित नर्मदा घाट पर जिला पंचायत सीईओ से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला नर्मदा नदी की स्वच्छता और घाट की मर्यादा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, वहीं वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम ने प्रशासनिक आचरण को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
घाट पर कथा–पूजन कराने वाले वरिष्ठ पुजारी पंडित कैलाश चंद्र मिश्रा के अनुसार, वे घाट से कुछ दूरी पर लघुशंका के लिए जा रहे थे, इसी दौरान अधिकारियों द्वारा उन्हें रोका गया। बातचीत के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वायरल वीडियो में सीईओ नर्मदा की पवित्रता को लेकर नाराजगी जताते नजर आते हैं।
वीडियो में क्या नजर आता है
सामने आए वीडियो में यह स्पष्ट है कि सीईओ नर्मदा को गंदा किए जाने की आशंका को लेकर सख्त रुख अपनाते दिखते हैं। इसी दौरान उनके पास खड़े एक युवक के साथ हाथापाई का दृश्य भी दिखाई देता है। हालांकि वीडियो में दंड बैठक जैसे किसी कृत्य की पुष्टि नहीं होती।
सेवाभाव भी सामने आया
इसी प्रकरण से जुड़ा कुछ अन्य वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जिला पंचायत सीईओ स्वयं नर्मदा घाट पर श्रम करते और सफाई में योगदान देते दिखाई दे रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि उनका उद्देश्य नर्मदा की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर गंभीर है।
समाज और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे नर्मदा संरक्षण से जुड़ा आवेश मान रहे हैं, तो कुछ लोग प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आम नागरिकों पर हाथ उठाने को अनुचित बता रहे हैं।
वहीं पुजारी और ब्राह्मण समाज के कुछ वर्गों ने भी मामले में संयम के साथ जांच की मांग की है।
राजनीतिक हलचल
इस प्रकरण को लेकर जिला कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन की सूचना है। वहीं प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पोलखोल का संतुलित मत
इस पूरे घटनाक्रम में यह स्वीकार करना जरूरी है कि नर्मदा की पवित्रता और स्वच्छता सर्वोपरि है, लेकिन साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि प्रशासनिक मर्यादा और संवाद की सीमाएं बनी रहें।
यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ था, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए था।
मामला संवेदनशील जरूर है, लेकिन इसे शांति, संयम और तथ्यात्मक जांच के साथ आगे बढ़ाना ही सभी के हित में होगा।







