तेजतर्रार पुलिस कार्रवाई का परिणाम: 22.3 किलो गांजा जब्ती केस में कड़ी सजा”!

नरसिंहपुर / 6 नवम्बर 2025

चिन्हित जघन्य सनसनीखेज प्रकरण में आरोपियों को सजा दिलाने में नरसिंहपुर पुलिस को बड़ी सफलता

नरसिंहपुर पुलिस ने अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के चिन्हित जघन्य और सनसनीखेज प्रकरण में आरोपियों को सजा दिलाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।

23 जून 2023 को वारंटी तलाश के दौरान उप निरीक्षक ओ.पी. शर्मा और थाना करेली पुलिस बल को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित डी.एम. पैलेस के पास एक कैम्पर वाहन संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही चालक वाहन को तेज गति से ग्राम रांकई की ओर ले गया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।

तलाशी लेने पर वाहन चालक कमल पटेल (उम्र 48 वर्ष, निवासी उमरिया/चिनकी) और साथ बैठे प्रहलाद सिंह (उम्र 53 वर्ष, निवासी मुरली पौड़ी) के संयुक्त कब्जे से 17 बोरियों में भरा लगभग 22 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा और वाहन को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 559/2023 दर्ज किया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे जघन्य, सनसनीखेज और गंभीर अपराध की श्रेणी में चिन्हित किया गया। पुलिस ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्य सावधानी से जुटाए। संपूर्ण साक्ष्य संकलन के बाद अभियोग पत्र क्रमांक 1030/2023 तैयार कर 8 दिसंबर 2023 को विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), नरसिंहपुर में प्रस्तुत किया गया। पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर द्वारा प्रकरण की सतत मॉनिटरिंग की गई और गवाहों को समय पर न्यायालय में उपस्थित कराया गया।

न्यायालय का निर्णय : 10-10 वर्ष का कठोर कारावास और अर्थदंड

विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) नीतिराज सिंह सिसोदिया ने अपराध क्रमांक 559/2023 से संबंधित विशेष सत्र प्रकरण 52/2023 पर सुनवाई करते हुए 6 नवंबर 2025 को निर्णय सुनाया।

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने आरोपियों—

कमल सिंह पटैल पिता खीरसिंह पटैल

प्रहलाद सिंह लोधी पिता भैयालाल लोधी

को धारा 8/20(बी)(ii)(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक को 1 लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया।

प्रारंभिक कार्रवाई और अभियोजन पक्ष की भूमिका

प्रकरण की प्रारंभिक कार्रवाई उप निरीक्षक ओ.पी. शर्मा द्वारा की गई तथा विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी करेली, निरीक्षक आशीष धुर्वे (वर्तमान में जिला छिंदवाड़ा) ने की।
अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी इन्द्रमणी गुप्ता, विशेष लोक अभियोजक, नरसिंहपुर द्वारा की गई, जिनके तर्कों के आधार पर यह महत्वपूर्ण निर्णय प्राप्त हुआ

polkholnewz
Author: polkholnewz

Leave a Reply

error: Content is protected !!