भारत / भोपाल – 10 नवंबर 2025
सोशल मीडिया पर एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवती जमीन पर बैठकर कचरे के ढेर से रोटियाँ निकालकर खाती दिखती है। न स्थान स्पष्ट है, न समय, न ही उस युवती की मानसिक स्थिति की पुष्टि, लेकिन दृश्य इतना विचलित करने वाला है कि देखने वाला अंदर तक हिल जाता है।
सोशल मीडिया पर कई यूजर इसे मध्यप्रदेश के विदिशा का बताकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
🗣️ एक यूजर ने लिखा..
“विदिशा से आई यह रुला देने वाली तस्वीर देश और मध्यप्रदेश में वर्षों से चले आ रहे कुशासन का जीवंत सबूत है। गरीब कल्याण की योजनाओं के नाम पर रोटियां गरीबों तक पहुंचने से पहले ही कचरे में सड़ जाती हैं, और जरूरतमंद भूख मिटाने की जद्दोजहद में कचरे में झांकने को मजबूर है।”
🗣️ दूसरे यूजर ने वीडियो बनाने वाले को ही कटघरे में खड़ा करते हुए कहा..
“वीडियो बनाने वाला मदद कर सकता था, पर नहीं किया। ऐसे समय में कैमरा नहीं, इंसानियत आगे होनी चाहिए थी।”
वीडियो में दिखाई दे रहा दृश्य सिर्फ एक लड़की का संघर्ष नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता, व्यवस्था की खामियों और मानवता के खो रहे स्वरूप का कड़वा आईना है। यह दृश्य हमें मजबूर करता है सोचने पर..
क्या विकास की चमक के पीछे हम भूख की सच्चाई को नजरअंदाज कर चुके हैं?
क्या योजनाओं की फाइलों में दबा कोई चेहरा आज कचरे में रोटी ढूंढने को मजबूर है?
यह वीडियो सिर्फ वायरल क्लिप नहीं, एक ऐसी मौन चीख है जिसे सुनना अब समाज और व्यवस्था दोनों की जिम्मेदारी है।
सौरभ प्रताप सिंह राठौड़








