नरसिंहपुर। 29 सितम्बर 2026 अपने गुरु स्थान झोतेश्वर प्रवास पर पहुंचे ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म, युवाओं से जुड़े मुद्दों और चुनाव आयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने सनातन धर्म की शिक्षा और उसके प्रचार-प्रसार को लेकर नेताओं एवं अन्य लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए।
शंकराचार्य ने कहा कि एक ओर सनातन धर्म को बढ़ावा देने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म के दोनों गुरुओं की अवहेलना किए जाने की बात सामने आती है। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म की बात करते हैं, उन्हें सबसे पहले सनातन के गुरुओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने नेताओं और अन्य लोगों द्वारा सनातन धर्म की व्याख्या किए जाने पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य ने अपने बयान में भगवान राम और गुरु परंपरा से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म की शिक्षा देने से पहले उसकी परंपराओं और गुरुओं का सम्मान समझना जरूरी है।
युवाओं के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
जैन समाज और युवाओं से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि जिस देश के नौजवानों के हाथ में देश का भविष्य सौंपा जाना है, आज उसी नौजवान को कुचला जा रहा है। उन्होंने कार्रवाई किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए और युवाओं से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार किए जाने की बात कही।
चुनाव आयोग पर भी प्रतिक्रिया
इस दौरान चुनाव आयोग से जुड़े सवाल पर भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
हालांकि, उनके बयान के विस्तृत संदर्भ और संबंधित घटनाक्रम को आधिकारिक पक्ष के साथ देखा जाना आवश्यक है।
शंकराचार्य का यह बयान उनके नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर प्रवास के दौरान सामने आया, जिसके बाद उनके सनातन, युवाओं और चुनाव आयोग से जुड़े वक्तव्य चर्चा में हैं।








