नरसिंहपुर | 6 अप्रैल 2026 विशेष रिपोर्ट
जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर नागरिकों ने प्रशासन के सामने आवाज बुलंद की है। सोमवार 6 अप्रैल को शहर के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए डीजे और लाउडस्पीकर के अनियंत्रित उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
🗣️ ज्ञापन में बताया गया कि 5 अप्रैल को नरसिंह मंदिर प्रांगण में आयोजित बैठक में सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकमत होकर ध्वनि प्रदूषण को गंभीर समस्या बताया। नागरिकों का कहना है कि तेज आवाज में बजने वाले डीजे से आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
➡️ ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों एवं मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 का हवाला देते हुए प्रशासन से नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई है। विशेष रूप से रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, नागरिकों ने डीजे संचालकों से नियमों के पालन की लिखित सहमति लेने, उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और लगातार निगरानी रखने की मांग की है।
📢 ज्ञापन में हाल ही में एक धार्मिक जुलूस के दौरान अत्यधिक ध्वनि के बीच एक पूर्व पार्षद की मृत्यु का भी उल्लेख किया गया है, जिसे नागरिकों ने गंभीर चिंता का विषय बताया है। (हालांकि इस घटना की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।)
➡️ नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें आगे और कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
👉 अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस जनमांग पर क्या कार्रवाई करता है।












