नरसिंहपुर! 15 फरवरी 2026
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले मुख्यालय में बोर्ड परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक निजी स्कूल की जो खुद को तथाकथित प्राचार्य कहतीं हैं? जो बोर्ड की सदस्य भी हैं, उनके स्कूल का चपरासी उस अन्य विद्यालय में देखा गया है जहां उनके ही स्कूल के विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारित किया गया है और वह ड्यूटी में मदद करता नजर आया।
सूत्रों का यह भी दावा है कि करेली क्षेत्र के एक अन्य निजी विद्यालय में वहीं के शिक्षक कक्षा दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में मदद करता है।
ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी यह भी सामने आई है कि यह पूरा घटनाक्रम जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर बनाए रखने की मंशा से जुड़ा हो सकता है, ताकि शिक्षा मंत्री के जिले का रिजल्ट कमजोर न दिखे।
यदि इसमें जरा भी सच्चाई है तो यह शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
🗣️ प्राप्त सूत्रों के अनुसार इस मामले की भनक लगने पर कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाए जाने की भी चर्चा है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
अब सवाल यह है कि क्या वाकई परीक्षा केंद्रों पर नियमों का पालन हो रहा है, या फिर परिणाम सुधारने की होड़ में व्यवस्था से समझौता किया जा रहा है? प्रशासन को चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता जनता के सामने रखे, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।
➡️ इस पूरे मामले की जानकारी से जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराना चाहा पर उनसे संपर्क नही हो सका!








