नरसिंहपुर।23 जनवरी 2026
नया बस स्टैंड क्षेत्र में छात्र-छात्राओं पर अश्लील टिप्पणियाँ करने वाले दो युवकों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब उससे जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस नए वीडियो में दोनों युवक किसी मैदाननुमा स्थान पर बैठे नजर आ रहे हैं, जहां उनकी चोटियाँ बनाई गई हैं और वे कान पकड़कर माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कथित रूप से पुलिस कार्रवाई का वीडियो है, हालांकि वीडियो में कहीं भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आ रहे हैं और न ही यह स्पष्ट हो पा रहा है कि वीडियो कब, किसने और किस परिस्थिति में बनाया।
यदि मान भी लिया जाए कि यह पुलिस की कार्रवाई है, तो सवाल यह है कि क्या केवल दो युवकों को पकड़ लेने से समस्या खत्म हो जाएगी? यह तो सिर्फ वे “पिस्सू” हैं जिनका वीडियो सामने आ गया। शहर में आए दिन छात्राओं और बच्चियों पर फब्बतियाँ कसने वाले, नशे में उत्पात मचाने वाले कई अन्य युवक खुलेआम घूम रहे हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब पीड़ित सामने आता है तो उसे थानों के चक्कर कटवाए जाते हैं, जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इतना ही नहीं, कुछ थानों के सिपाहियों और यहां तक कि कुछ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी आवारा और असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। चर्चा है कि इन छुल्लटों से उनकी नजदीकियां ही इनके हौसले बुलंद रखती हैं।
जनता का कहना है कि दिखावटी सज़ा या कैमरे के सामने माफी से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी।
असली सराहना तब होगी जब आम लोग, खासकर छात्राएं और महिलाएं, बिना डर के सड़कों पर चल सकेंगी। जब तक पूरे नेटवर्क पर सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं थमने वाली नहीं हैं।
अब निगाहें पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं। यदि वे चाहें तो अपने स्तर से निष्पक्ष जांच कर यह भी सामने ला सकते हैं कि किन कारणों से ऐसे तत्वों को संरक्षण मिल रहा है। सवाल साफ है,
कानून का डर पैदा होगा या फिर हर बार सिर्फ वीडियो वायरल होने पर ही ‘कार्रवाई’ होती रहेगी?








