नरसिंहपुर।17 जनवरी 2026
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य, नये भवनों का निर्माण तथा गतिशक्ति योजना के तहत ब्रिज निर्माण जैसे कार्य प्रगति पर हैं।
लेकिन इन सबके बीच रेलवे स्टेशन परिसर में अवैध विज्ञापनों की भरमार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक एक के प्रवेश द्वार से लेकर साइकिल स्टैंड तक, नवनिर्मित प्लेटफॉर्म भवन की दीवारों पर “नादब्रह्मा इडली” के बड़े-बड़े विज्ञापन होर्डिंग और फ्लेक्स लगे हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सभी विज्ञापन सीधे रेलवे की संपत्ति पर लगाए गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि
आखिर इन विज्ञापनों को लगाने की अनुमति किसने दी?
क्या रेलवे की संपत्ति का इस तरह व्यावसायिक उपयोग नियमों के तहत वैध है?
या फिर बिना अनुमति के जबरन होर्डिंग लगाए गए हैं?
इस पूरे मामले में जब पोलखोल ने स्टेशन प्रबंधक सुनील जाट से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वे उस समय छुट्टी पर थे। उन्होंने कहा,
“अगर रेलवे परिसर में इस तरह के होर्डिंग लगे हैं तो वे अवैध हैं। मैं मामले की जानकारी लेकर दिखवाता हूँ।”
हालांकि स्टेशन प्रबंधन के इस बयान के बावजूद अभी तक होर्डिंग हटाने की कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रेलवे प्रशासन की लापरवाही से सरकारी संपत्ति को विज्ञापन का माध्यम बनाया जा रहा है?
अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है, या फिर अमृत भारत योजना के तहत बन रहा मॉडल स्टेशन यूं ही निजी प्रचार का अड्डा बना रहेगा।








