नरसिंहपुर/ 28 दिसंबर 2025
नरसिंहपुर में 28 दिसंबर रविवार आज नगर के नरसिंह मंदिर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आमजन, श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के बीच खासा कौतूहल पैदा कर दिया है। वीडियो में मंदिर की ऊपरी मंजिल गुंबद पर स्थित एक पुराने, खंडहरनुमा कमरे में दो दुर्लभ सफेद रंग के पक्षी दिखाई दे रहे हैं, एक छोटा और एक बड़ा।
यह वीडियो रविवार सुबह अंकुर जाट द्वारा फेसबुक पर साझा किया गया था। जानकारी के अनुसार यह दृश्य भगवान नरसिंह मंदिर की पांचवीं मंजिल के शिखर के ऊपर बने उस कमरे का है, जहां सामान्य व्यक्ति का पहुंचना लगभग असंभव है। मंदिर में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान मजदूरों ने लकड़ी की चाली लगाकर ऊपर पहुंचकर यह वीडियो बनाया।
वायरल वीडियो की पुष्टि करने के लिए पोलखोल की टीम स्वयं नरसिंह मंदिर पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों और मंदिर प्रशासन से बातचीत कर यह सामने आया कि वीडियो वास्तव में मंदिर के उसी ऊपरी हिस्से का है, जहां इन दिनों मरम्मत व पुताई का कार्य चल रहा है, मरम्मत कर रहे मजदूर जब ऊपर चोटी पर पहुंचे तो फुसकारने की आवाज सुनकर डरकर नीचे आ गए और मंदिर के पुजारी को मजदूरों ने बताया की ऊपर सांप मौजूद है. मंदिर पुजारी द्वारा हिप्पी जाट जो कि सर्प जहरीले जीव जंतु पकडने में माहिर हैं उन्हें बुलाया और हिप्पी जाट बांस की बनी चाली से मंदिर की चोटी स्थित गुंबद में बने कमरे में पहुंचे तब उन्होंने देखा की यह सांप नही दुर्लभ पक्षी हैं. और उन्होंने ने भयभीत मजदूरों को पक्षी पकडकर दिखाए की यह किसी को नुकसान नही पहुंचाऐंगे आप अपना काम शांति से करें सम्भवतः पक्षी यहां बहुत पहले से हैं. और हिप्पी जाट ने उन पक्षियों को वापस उसी स्थान पर छोड दिया ।
इस बीच नरसिंह मंदिर के पुजारी पंडित प्रमोद सोनकिया उर्फ बड्डू महाराज ने बातचीत में बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 40 वर्ष पूर्व, जब मंदिर की पुताई का कार्य वे स्वयं कर रहे थे, तब वे गुंबद के ऊपर तक गए थे और इसी प्रकार के दुर्लभ पक्षियों को वहां देखा था।
चार दशक बाद, मंदिर में एक बार फिर मरम्मत और पुताई का काम चलने के दौरान उसी स्थान पर उसी प्रजाति जैसे पक्षियों का दिखाई देना अपने आप में अद्भुत है। हालांकि ये पक्षी किस प्रजाति के हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन सैकड़ों वर्ष पुराने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मंदिर में इनकी मौजूदगी लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बनी हुई है।
👉 यह भी रहस्य बना हुआ है कि क्या वर्तमान में दिखाई दे रहे पक्षी, 40 वर्ष पहले देखे गए पक्षियों के ही वंशज हैं या वही प्रजाति पीढ़ियों से मंदिर की ऊंचाइयों को अपना बसेरा बनाए हुए है।
इस दौरान शैलेष बरडिया, लकी जाट, राकेश नेमा, अजय किलेदार और नीलेश जाट भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि आम श्रद्धालुओं की पहुंच से दूर मंदिर के शिखर पर बने पुराने कमरे में ये पक्षी पहले से मौजूद थे, लेकिन मरम्मत कार्य के चलते अब वे नजर आने लगे हैं।
फिलहाल बिना किसी भ्रामक दावे के, यह मामला आस्था, इतिहास और प्रकृति के अद्भुत संगम के रूप में नरसिंहपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नोट- आप सभी के प्यार आशीर्वाद दुआओं के लिए धन्यवाद, हम निष्पक्ष आप तक खबरें पहुंचाते रहेंगे, सौरभ प्रताप सिंह राठौड







