नरसिंहपुर / 15 दिसंबर 2025
नरसिंहपुर नगर इस समय सट्टे की पहचान बनता जा रहा है। पुलिस अपनी पीठ थपथपाती जरूर नजर आती है, और यह कहना गलत नहीं होगा कि कुछ कार्रवाई काबिले-तारीफ भी रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
लगातार विश्वसनीय सूत्रों से मिल रही सट्टे की सूचनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि सेट्टी मोहल्ला हो या स्टेशन रोड, शहर के प्रमुख इलाकों में दिनदहाड़े सट्टा पट्टियां धड़ल्ले से काटी जा रही हैं।
यह हालात साफ संकेत देते हैं कि थाना प्रभारियों द्वारा सट्टे जैसे संगठित अपराध को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। अब तक सटोरियों पर हुई अधिकतर कार्रवाई महज खानापूर्ति साबित हुई है, जिससे अवैध धंधे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि
➡️ क्या पुलिस संरक्षण के बिना यह सब संभव है?
➡️ जब सट्टा सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम खिलाया जा रहा है, तो सटोरियों में पुलिस का भय क्यों नहीं?
हद तो तब हो जाती है जब सटोरियों पर जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई तक नहीं की जाती, जबकि कानून इसकी पूरी इजाजत देता है।
अब सवाल सीधे जिले के कप्तान, एसपी साहब से है..
✔️ जब आप जिले के मुखिया हैं, तो जवाब भी आपसे ही पूछा जाएगा।
✔️ जिन थाना क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां खुलेआम फल-फूल रही हैं, वहां के थाना प्रभारी कितने ईमानदार हैं—यह आप भली-भांति जानते हैं।
अब देखना यह है कि पुलिस महकमा सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा, या वास्तव में सट्टा माफिया पर करारी चोट की जाएगी।








