तेरे बिन ये गलियां सूनी थीं… 11 दिन बाद लौटे सफाईकर्मी तो भावुक हुआ शहर!”

नरसिंहपुर | 29 दिसंबर 2025

नगर में 11 दिनों की लंबी हड़ताल के बाद जब सफाईकर्मी पुनः अपने कार्य पर लौटे, तो मानो पूरे शहर की रौनक वापस आ गई। रविवार 28 दिसंबर से जैसे ही सफाई कार्य शुरू हुआ, नगरवासियों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ दिखाई देने लगा। कचरा संग्रहण वाहन और सफाईकर्मियों को देखकर लोगों को ऐसा महसूस हुआ, जैसे कोई अपना लंबे समय बाद घर लौट आया हो।

वेतन भुगतान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन पर बैठे सफाईकर्मियों की हड़ताल 11 वें दिन समाप्त होते ही शहर में दोबारा साफ-सफाई की रफ्तार लौट आई। सफाईकर्मी पूरे समर्पण, जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों में जुट गए और शहर को फिर से स्वच्छ व सुंदर बनाने में लग गए।

सफाईकर्मियों की वापसी का असर सोशल मीडिया पर भी साफ नजर आया। भावुक पोस्ट, मीम्स और वीडियो तेजी से वायरल हुए।

किसी ने लिखा✍️

“हम टैक्स ईमानदारी से देते हैं और आगे भी देंगे, बस भाइयों अब हड़ताल पर मत जाना।”

तो किसी ने भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए लिखा..

🗣️ “तुम्हारे बिन ये गलियां सूनी थीं…”

कई नागरिकों ने सफाईकर्मियों के स्वागत में फिल्मी गीत “गली में आज चांद निकला” पर वीडियो साझा किए। इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी नीरज ठाकुर ने भी अपनी गली में आई कचरा संग्रहण गाड़ी का वीडियो इसी गीत के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।

 

यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि सफाईकर्मी केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि शहर की व्यवस्था और संवेदनाओं की मजबूत रीढ़ हैं। उनकी अनुपस्थिति में शहर ने जो खालीपन महसूस किया और वापसी पर जो अपनापन दिखा, वही नगर और सफाईकर्मियों के गहरे रिश्ते को दर्शाता है।

 

नोट- (स्पष्ट और निष्पक्ष वक्तव्य)

🔹 हमारी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। हम समाजहित में निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं।

🔹 व्यवस्थाओं, अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और लापरवाही से जुड़े तंत्र और जिम्मेदार व्यक्तियों पर ही सवाल उठाए जाते हैं।

 

🔹 मैं प्रतिदिन श्री गणेश भगवान के मंदिर जाकर, खबरों से जुड़ी लापरवाहियों की पोलखोल करने की शक्ति मांगता हूं, यह मेरा भक्तिभाव और नैतिक दायित्व है।

🔹 और जब खबर के माध्यम से पोलखोल हो जाती है, तो शाम को पुनः मंदिर जाकर संबंधित लोगों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना करता हूं, ताकि दोबारा फॉलो-अप की जरूरत न पड़े।

🔹 मेरी किसी से कोई शत्रुता नहीं है। मैं न तो कोई महान हस्ती हूं, बल्कि केवल चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महापुरुषों के सिद्धांतों का अनुकरण करता हूं और हर कार्य मर्यादा में रहकर करता हूं।

🔹 मैं किसी स्वार्थ से नहीं, बल्कि निस्वार्थ और निर्भीक पत्रकारिता करता हूं। इसी कारण लोग सच के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

🔹 मुझे भरोसा मेहनत पर है। जिस दिन व्यवस्थाएं सुधर जाएंगी, उस दिन खबरें खुद-ब-खुद बंद हो जाएंगी और हम भी एक गुमनाम, सामान्य जीवन का हिस्सा बन जाएंगे। 😊

🔹 इसलिए व्यर्थ की ऊर्जा मुझ पर खर्च करने के बजाय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें, पोलखोल अपने-आप बंद हो जाएगी।

सौरभ प्रताप सिंह

polkholnewz
Author: polkholnewz

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