नरसिंहपुर | 23 दिसम्बर 2025 |
नगर पालिका नरसिंहपुर की सामान्य सम्मिलन बैठक में कर वसूली को लेकर बड़े और सख्त फैसले लिए गए, लेकिन दूसरी ओर कर्मचारियों के वेतन बकाया और सफाईकर्मियों की जारी हड़ताल ने प्रशासनिक दावों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार को नगर पालिका परिषद हॉल में आयोजित बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष नीरज दुबे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीलम चौहान, पार्षदगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा नगर पालिका की कमजोर आर्थिक स्थिति, कर वसूली में पारदर्शिता और कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान को लेकर रहा।
🗣️ वेतन बकाया ने खोली व्यवस्था की पोल
बैठक में सीएमओ नीलम चौहान ने स्वीकार किया कि..
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नवंबर 2025 का एक माह का वेतन बकाया है
नियमित व स्थायी कर्मचारियों का सितंबर से नवंबर 2025 तक तीन माह का वेतन लंबित है
इन बकायों के भुगतान के लिए विशेष कर वसूली अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कर्मचारियों को वेतन कब तक मिलेगा।
बकायादारों पर सख्ती, आम जनता पर दबाव
बैठक में यह भी तय किया गया कि..
संपत्तिकर, जलकर एवं अन्य करों के बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे
अवैध नल कनेक्शन धारकों को 15 दिन में कनेक्शन वैध कराना होगा
आवासीय भवनों में व्यवसाय करने वालों से व्यावसायिक कर वसूला जाएगा
लापरवाह कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी
अनियमित्ताओं पर नजर, 9 सदस्यीय निगरानी समिति गठित
नगर की आय को प्रभावित कर रही बाजार, बस स्टैंड, साइकिल स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थलों पर फैली अनियमित्ताएं , वसूली में. धांधली आदी और अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए 9 सदस्यीय निगरानी समिति बनाई गई।
👉 लेकिन… हड़ताल पर कोई ठोस फैसला नहीं?
कर वसूली और निगरानी समितियों पर जहां जोर दिखा, वहीं सफाईकर्मियों की हड़ताल पर बैठक से कोई ठोस और आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई?
प्राप्त जानकारी के अनुसार सफाईकर्मियों की हड़ताल आज सातवें दिन भी जारी है। 22 दिसंबर की बैठक में उनकी मांगों या हड़ताल समाप्ति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिणामस्वरूप 23 दिसंबर को भी सफाईकर्मी नगर पालिका नरसिंहपुर के सामने धरने पर बैठे रहे और शहर में गंदगी की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
🗣️ तीखा सवाल
एक ओर नगर पालिका कर वसूली में सख्ती, नाम सार्वजनिक करने और निगरानी समितियों के जरिए राजस्व बढ़ाने की बात कर रही है,
तो दूसरी ओर जिन कर्मचारियों के भरोसे शहर की सफाई और व्यवस्था टिकी है, उनके वेतन और मांगों पर चुप्पी क्यों?
नरसिंहपुर की जनता अब यह जानना चाहती है, क्या कर वसूली की सख्ती से पहले कर्मचारियों का हक नहीं?
और क्या गंदगी में डूबते शहर की जिम्मेदारी सिर्फ सफाईकर्मियों की है या पूरे प्रशासन की?








