नरसिंहपुर / 25 दिसंबर 2025
जहां हर पल क़ीमती होता है, वहां 108 एंबुलेंस जैसी जीवनरक्षक सेवा के लिए भी कॉल सेंटर पर लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है। इमरजेंसी मरीजों के लिए बनी सरकारी 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
करेली अस्पताल में इमरजेंसी स्थिति के बावजूद सामने खड़ी 108 एंबुलेंस से मरीज को ले जाने से ड्राइवर ने इंकार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी द्वारा कॉल सेंटर से आए कॉल को भी अटेंड नहीं किया गया। पूरी घटना कैमरे में कैद है, जो व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करती है।
ड्यूटी डॉक्टर से लेकर अस्पताल स्टाफ तक 108 एंबुलेंस की जटिल बुकिंग प्रक्रिया से परेशान नजर आ रहे हैं। बिना कॉल सेंटर से आईडी नंबर मिले मरीज को आगे के इलाज के लिए रेफर नहीं किया जा सकता। इमरजेंसी मरीज की पूरी जानकारी देने के बाद भी कॉल सेंटर से आईडी मिलने में काफी समय लग जाता है, जिससे इलाज में गंभीर देरी हो रही है।
करेली अस्पताल में सामने आया कि कॉल सेंटर से आईडी नंबर मिलने के बाद ही मरीज को अन्य अस्पताल भेजा जा सका। सवाल यह है कि जब मरीज की हालत नाजुक हो, तब कागजी औपचारिकताएं पहले क्यों?
यह घटना 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल छोड़ती है और सिस्टम में त्वरित सुधार की मांग करती है।








