जिले में पहली बार ऐसा हुआ जब पुलिस अधीक्षक के तबादले पर खुद पुलिस विभाग को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सफाई देनी पड़ी।
दरअसल, 11 सितंबर 2024 को पदस्थ हुईं एसपी मृगाखी डेका का महज एक साल पूरा होने से पहले ही तबादला कर दिया गया। विभाग की ओर से कारण बताया गया कि उनकी माता जी की तबीयत खराब है और स्वयं एसपी भी 4 माह के सीसीएल अवकाश पर हैं। इन्हीं कारणों से उनका तबादला पुलिस मुख्यालय कर दिया गया है।
लेकिन, हकीकत यह है कि मृगाखी डेका के कार्यकाल में जिले में सर्वाधिक अपराध दर्ज हुए, जिसके चलते उनकी कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही। उनके तबादले की खबर सामने आते ही जिलेवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
🗣️सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
👉 एक यूजर ने लिखा – “महिला एसपी के कार्यकाल में जिले को अपराध का गढ़ बना दिया।”
👉 दूसरे ने लिखा, “मैडम हर बात पर सबूत मांगती थीं, सबूत दो तो कार्रवाई नहीं करती थीं।”
👉 वहीं एक अन्य ने टिप्पणी की, “अब तक की सबसे बड़ी लापरवाह एसपी, जिनके कार्यकाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई।”
इस तरह की टिप्पणियों और पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल की वजह से जिला पुलिस को अपनी साख बचाने के लिए पहली बार ऐसा प्रेस नोट जारी करना पड़ रहा है जबकि आज तक किसी तबादले को लेकर कभी पुलिस विभाग को सफाई देनी पड़ी हो ये याद नहीं आता।








